मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में भय्यू जी महाराज ने खुद को गोली मार की खुदकुशी

मध्य प्रदेश से चौंकाने वाली खबर सामने आई है. यहां आध्यात्मिक गुरु भय्यू जी महाराज ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली है. भय्यू जी द्वारा खुद को गोली मारे जाने के बाद उन्हें इंदौर के बॉम्बे अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.

मध्य प्रदेश में भय्यू जी महाराज को राज्यमंत्री का दर्जा प्राप्त था. कुछ वक्त पहले ही मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उन्हें राज्यमंत्री का दर्जा दिया था

शुरुआती जानकारी के मुताबिक भय्यू महाराज ने मंगलवाल दोपहर में इंदौर स्थित अपने आश्रम में खुद को गोली मार ली. घटना के तुरंत बाद उनके सेवक आनन-फानन में इंदौर के बॉम्बे अस्पताल पहुंचे लेकिन वहां उन्हें मृत घोषित कर दिया. पत्रिका में छपी खबर एक खबर के मुताबिक अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि जब सेवादार भय्यू महाराज को अस्पताल लेकर पहुंचे, उनकी मौत हो चकी थी.

1968 को जन्मे भय्यू महाराज का असली नाम उदय सिंह देखमुख है. वह कपड़ों के एक ब्रांड के लिए कभी मॉडलिंग भी कर चुके हैं. भय्यू महाराज का देश के दिग्गज राजनेताओं से संपर्क थे. हालांकि वह शुजालपुर के जमींदार परिवार से ताल्लुक रखते थे.

भय्यू जी महाराज तब चर्चा में आए थे जब 2011 में अन्ना हजारे के अनशन को खत्म करवाने के लिए तत्कालीन केंद्र सरकार ने उन्हें अपना दूत बनाकर भेजा था. इसी के बाद ही अन्ना ने उनके हाथ से जूस पीकर अनशन तोड़ा था.

वहीं पीएम बनने के पहले गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में मोदी सद्भावना उपवास पर बैठे थे. उस उपवास को तुड़वाने के लिए उन्होंने भय्यू महाराज को आमंत्रित किया था.

उनका सदगुरु दत्त धामिर्क ट्रस्ट नाम का ट्रस्ट भी चलता है. अपने ट्रस्ट के जरिए वह स्कॉलरशिप बांटते थे. कैदियों के बच्चों को पढ़ाते थे. और किसानों को खाद-बीज मुफ्त बांटते थे.

गौरतलब है कि पिछले महीने ही पहले मध्यप्रदेश की शिवराज सिंह सरकार ने पांच संतों को राज्य मंत्री का दर्जा दिया था जिनमें भय्यू जी महाराज का नाम शामिल था.