17 मई से शुरू हो रहा है रमजान  महीना, जानिए इफ्तार और तरावीह का समय

नई दिल्ली: माह-ए-रमज़ान (Ramadan) 17 मई यानी कल से शुरू होने जा रहे है. साथ ही इस बार रमज़ान के पूरे महीने में 5 जुमे पड़ेंगे. पहला जुमा रमज़ान शुरू होने के अगले 18 मई को पड़ेगा, वहीं, 15 जून को आखिरी जुमा होगा, जिसे अलविदा जुमा कहा जाता है और आखिरी जुमे के अगले दिन ही ईद मनाई जाएगी.

दुनियाभर में रोजा रखने वाले करोड़ों मुसलमानों के लिए रमजान का पाक महीना कल से शुरू हो रहा है. बता दे सऊदी अरब और इंडोनेशिया जैसे अन्य मुस्लिम बहुल देशों ने घोषणा की है कि रमजान 16 मई से शुरू नहीं होगा. आपको बता दें कि चांद के दिखने की गणना के आधार पर ये महीना शुरू होता है और रमज़ान का महीना पूरे 30 दिन का होता है, हर रोज़ रोज़ा रखा जाता है.

जानिए रोजा रखने का नियम 
-इसके अलावा मान्यता है कि इस्लामी कैलेंडर के इस महीने के दौरान हर रोज़ कुरान पढ़ने से ज़्यादा सबाब मिलता है.
-रोजे के दौरान सिर्फ भूखे-प्यासे ही न रहें बल्कि आंख, कान और जीभ का भी गलत इस्तेमाल न करें जैसे बदनामी करना, लालच करना, झूठ बोलना,     पीठ पीछे बुराई करना और झूठी कसम खाने से रोजा टूट जाता है.
-हर मुसलमान के लिए जरूरी है कि वह रोजे के दौरान सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त के बीच के समय में खान-पान न करें। 
-रोजे की सबसे अहम परंपराओं में सेहरी बहुत लोकप्रिय है. सेहरी शब्द सहर से बना है, जिसका शाब्दिक मतलब सुबह होता है. नियम है कि सूर्य के उदय होने से पहले उठकर रोजेदार सेहरी करते हैं. इसमें वह खाने और पीने योग्य पदार्थ लेते हैं। सेहरी करने के बाद सूर्य अस्त होने तक खान-पान छोड़ दिया जाता है. इसके साथ-साथ मानसिक आचरण भी शुद्ध रखते हुए पांच बार की नमाज और कुरान पढ़ी जाती है. सूर्यास्त के समय इफ्तार की परंपरा है.