वाराणसी पुल हादसा: बेटे के इलाज के लिए बाप-बेटे गए थे अस्पताल, खबर आई कि अब कोई नहीं बचा

नई दिल्ली: मंगलवार को वाराणसी में कैंट रेलवे स्टेशन के पास निर्माणाधीन पुल का एक हिस्सा गिरने से एक दर्दनाक हादसा हुआ था। वही इस मलबे में दबकर कम से कम 15 लोगों की मौत होने की खबर है। वही इससे पहले की रिपोर्ट्स में कहा गया था कि, इस हादसे में 18 लोगों की मौत हुई है। लेकिन मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने कहा, 'इस हादसे में 15 लोगों की मौत हुई है। साथ ही 11 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं।

 बेटे के इलाज के गए थे अस्पताल

मगर, एक परिवार को इस हादसे ने इतना ऐसे दर्द दे दिया जो की, जन्मों तक ना भूल सकेंगे। किसको क्या पता था, घर से निकले बाप-बेटे आज के बाद कभी नहीं लौटेंगे। खास बात ये है,  मंगलवार सुबह घर से निकले बाप-बेटे ड्राइवर के साथ अस्पताल इलाज के लिए गए थे। ऐसे में खुशहाल राम का परिवार आज मातम में बदल गया। इस घटना में चोरो को मौके पर ही मौत हो गई। नंदगंज थाना क्षेत्र के खुशहाल राम अपने बेटे के इलाज के लिये वाराणसी गए थे। बेटा कैंसर का मरीज है और वाराणसी में उसका इलाज चल रहा है। मंगलवार को भी कीमोथेरेपी के लिए वहांं गए थेे, घर लौटते समय ये हादसा हो गया।

आपको बता दे वाराणसी का यह हादसा काफी दरनाग था। यह हादसा काल शाम 4 बजे हुआ था. इस हादसे में  मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने कहा है कि, हमने उनके उचित इलाज का आश्‍वासन दिया है। साथ ही सीएम योगी आदित्यनाथ ने मृतकों के परिजनों को 5 लाख रुपए मुआवजा देने का ऐलान भी किया है। इस घटना को लेकर उपमुख्‍यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने संबंधित विभागों और अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की है।

इसके अलावा 'सीएम ने कहा कि, उन्होंने उपमुख्‍यमंत्री व संबंधित मंत्री को व्‍यक्तिगत तौर पर राहत एवं बचाव कार्यों पर नजर बनाए रखने के लिए कहा है।  साथ ही इस घटना की जांच के लिए एक समिति भी गठित की गई है, जो 48 घंटों के भीतर अपनी रिपोर्ट देगी। वही इस हादसे में पीड़ित लोगो से सीएम योगी ने बनारस हिन्‍दू यूनिवर्सिटी ट्रॉमा सेंटर और कबीर चौरा हॉस्‍पीटल में जाकर मुलाकात की, जहां उनका इलाज चल रहा है।