कांग्रेस पार्टी का संविधान बचाओ अभियान हुआ शुरू, एक साल तक जारी रहेगा कांग्रेस पार्टी का यह अभियान 

नई दिल्ली: आज कांग्रेस पार्टी संविधान बचाओ अभियान की शुरुआत कर रही है. कांग्रेस पार्टी का मकसद है संविधान और दलितों पर कथित हमलों के मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाना है. साथ ही आने वाली चुनाव को देखते हुए कांग्रेस का अभियान काफी अहम माना जा रहा है. साथ ही अपने इस अभियान से कांग्रेस पार्टी को लगता है कि दलित वोटों को लुभाने में सफल होगी और इसी वजह से वो इस मामले में कोई भी कसर नहीं छोड़ना वाले है. 

अगला प्रधानमंत्री दलित वोटर तय करेंगे
आपको बता दे इस अभियान की शुरआत आज कोंग्रेस नेता राजधानी दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम से करने वाले है. साथ ही इस कांग्रेस के संविधान बचाओ अभियान में स्थानीय और जिला स्तर के पार्टी नेता शामिल होंगे. इसके अलावा वे नेता भी इसमें भाग लेंगे जो दलितों के हितों के लिए काम करते रहे हैं. साथ ही 'संविधान बचाओ' अभियान के मौक़े पर पार्टी के अनुसूचित जाति विभाग के चेयरमैन नितिन रावत ने कहा अगला प्रधानमंत्री दलित वोटर तय करेंगे. 

इसके अलावा आज राहुल गांधी ने अपने ट्वीट में कहा था कि, SC/ST एक्ट में हुए बदलाव के विरोध में दलित भाइयों और बहनों के साथ खड़े होने के लिए और BJP/RSS की दलितों के प्रति भेदभाव की नीति को बेनक़ाब करने के लिए आज तालकटोरा मैदान में “संविधान बचाओ” रैली में शामिल हों. आपकी भागीदारी और सहयोग की अपेक्षा है

राहुल गांधी ने  पीएम मोदी पर जमकर हमला..............
वही आज अपने इस अभियान में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने अपने भाषण की शुरुआत करते हुए पीएम मोदी पर जमकर हमला बोला। राहुल गांधी ने अपने भाषण में कहा कि, जो टॉयलेट को साफ करता है, जो गंदगी उठाता है. उसका  क्या अध्यात्म नहीं होता, जो वाल्मिकी समाज करता है. वाल्मिकी समाज का व्यक्ति ये काम अपने पेट को भरने के लिए नहीं करता है, मगर वो ये काम इसलिए करता है क्योंकि वह ये काम अध्यात्म के लिए करता है. उसके माता-पिता आसानी से ये काम छोड़ सकते थे, लेकिन उन्होंने नहीं छोड़ा. उन्होंने आगे कहा कि, यह हमारे पीएम की सोच है कि वाल्मिकी समाज का व्यक्ति अपने पेट के लिए नहीं बल्कि अध्यात्म के लिए काम करता है

एक साल तक जारी रहेगा कांग्रेस पार्टी का यह अभियान............
गौरतलब है कि, यह अभियान अगले साल संविधान निर्माता भीमराव अंबेडकर की जयंती (14 अप्रैल) तक जारी रहेगा. वही इस अभियान के संबंध में कांग्रेस के एक नेता ने कहा, 'बीजेपी सरकार में संविधान खतरे में है. दलित समुदाय को शिक्षा और नौकरियों में अवसर नहीं मिल रहे हैं. इस अभियान का मकसद इन मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाना है.' ताकि दलित समुदाय के लोगों को जरा सा भी एहसास ना हो कि दबे-कुचले हैं, उन्होंने आगे कहा, हमारी पूरी कोशिश हैं कि उन्हें इस बात का पूरी तरह से एहसास हो कि वो भी स्वतंत्र भारत के आजाद नागरिक हैं. 

2 अप्रैल को एससी/एसटी एक्ट को लेकर दलित समुदाय ने भारत बंद बुलाया था..........
आपको बता दे  2 अप्रैल को एससी/एसटी एक्ट को लेकर दलित समुदाय ने भारत बंद बुलाया था. जिसके बाद बड़े पैमाने पर दलित सड़कों पर उतरे थे और विरोध प्रदर्शन किया था. इसी को देखते हुए आज  कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी संविधान बचाओ अभियान की शुरुआत कर रहे है. वही राहुल के साथ- साथ इस अभियान में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह , पार्टी के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद, मल्लिकार्जुन खड़गे और सुशील कुमार शिंदे जैसे सीनियर नेता भी शामिल हैं.