कठुआ-उन्नाव गैंगरेप: PM मोदी के चुप्पी पर सवाल, दुनिया के 600 शिक्षाविदों ने लिखा खत

नई दिल्ली: मानवता को शर्मसार करने वाली घटना कठुआ-उन्नाव  गैंगरेप ने पूरे दुनिया को हिला कर रख दिया है. वही इन घटनाओं को लेकर दुनियाभर के 600 से अधिक शिक्षाविदों और विद्वानों ने पीएम मोदी को खुला खत लिखकर कठुआ और उन्नाव बलात्कार मामलों पर अपनी नाराजगी का इजहार करते हुए उन पर देश में बने गंभीर हालात पर चुप्पी साधे रहने का आरोप लगाया.

आपको बता दे कठुआ और उन्नाव गैंगरेप दुनियाभर के 600 से अधिक शिक्षाविदों और विद्वानों ने पीएम मोदी को खुला खत लिख कर नाराजगी जाती है और पीएम मोदी पर सवाल उठाया है कि आखिर इतने गंभीर मामलों में वो चुप कैसे रह सकते है. वही यह खत उस समय आया है जब कठुआ और सूरत में नाबालिग बच्चियों के बलात्कार और हत्या एवं उन्नाव में एक लड़की से बलात्कार को लेकर देशभर में आक्रोश के बीच केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 12 वर्ष और उससे कम उम्र की बच्चियों से बलात्कार के मामले में दोषी पाए जाने पर सजा-ए-मौत सहित कड़े दंड के प्रावधान वाले अध्यादेश को मंजूरी दी.

जानी 600 से अधिक शिक्षाविदों के खत्म में क्या लिखा है............

शिक्षाविदों ने प्रधानमंत्री को संबोधित पत्र में कहा है कि, वे
वे कठुआ-उन्नाव और उनके बाद की घटनाओं पर अपने गहरे गुस्से और पीड़ा का इजहार करना चाहते हैं. 

शिक्षाविदों ने पत्र में लिखा है कि,   'हमने देखा है कि देश में बने गंभीर हालत पर और सत्तारूढ़ों के हिंसा से जुड़ाव के निर्विवाद संबंधों को लेकर आपने लंबी चुप्पी साध रखी है.

इसके अलावा इस पत्र पर न्यूयॉर्क विश्वविद्यालय , ब्राउन विश्वविद्यालय, हार्वर्ड, कोलंबिया विश्वविद्यालय और विभिन्न आईआईटी के शिक्षाविदों और विद्वानों ने हस्ताक्षर किए हैं.

12 साल से कम उम्र की बच्चियों से रेप के दोषियों को मौत की सजा दी जाएगी........
आपको बता दे इन घटनाओ को लेकर देशभर में गुस्से के माहौल था. इसके अलावा चारों तरफ रेप के दोषियों को सजा दिलाने की मांग उठ रही थी. इसी को देखते हुए आज प्रधानमंत्री आवास पर शनिवार को केंद्रीय कैबिनेट की बैठक हुई और इस बैठक में पॉक्सो एक्ट में संशोधन को मंजूरी दी है. इन सब मामलो में सरकार ने नाबालिग बच्चियों से रेप करने वालों के लिए कड़ी सजा का प्रावधान करने का फैसला लिया है. 12 साल से कम उम्र की बच्चियों से रेप के दोषियों को मौत की सजा दी जाएगी.