भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पांच दिवसीय दौरे के लिए पहुंचेंगे स्वीडन और ब्रिटेन, वहां करेंगे कुछ खास

नई दिल्ली: हाल ही खबर मिली है की, भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पांच दिवसीय दौरे के लिए स्‍वीडन और ब्रिटेन जा रहे हैं। पांच दिवसीय दौरे में पीएम नरेंद्र मोदी सोमवार शाम को स्‍वीडन की राजधानी स्‍टॉकहोम पहुंच रहे हैं। बता दे, इस पांच दिवसीय दौरे के बीच वह 17 अप्रैल को पहले इंडिया-नोर्डिक शिखर सम्‍मेलन में सहयोग करेंगे। आप को बता दे, नोर्डिक देशो में स्‍वीडन, नॉर्वे, फिनलैंड, डेनमार्क और आइसलैंड जैसे देश शामिल होता है। ऐसे में इस बात को ध्यान में रखते हुए इस बडा मौके में पीएम मोदी इस क्षेत्र के 5 राष्‍ट्रप्रमुखों के साथ बैठक होगी। रिपोर्ट के मुताबिक, खबर मिली है की इस उनके कार्यकाल के दौरान इस तरह नोर्डिक देशों के प्रमुखों के साथ अमेरिका-नॉर्डिक शिखर सम्‍मेलन आयोजित हुआ था। जिसके बाद दूसरी बार इस तरह का आयोजन हो रहा है।

जानकारी के मुताबिक, खास दौर पर इस तरह का प्रयास इस मायने में भी क्योंकि, इस तरह का बातचीत के लिए यूरोपीय संघ ने भारत यूरोप के देशों के साथ मंच का प्रयोग कर रहा है। मगर इस बार यूरोप के देशों के साथ इस तरह की बातचीत के लिए भारत पहली बार इस तरह का अनुभव कर रहा है। खबर के मुताबिक, इस दौरे को भारत के बढ़े कद के रूप में इस मामले को ध्यान में रखते हुए ले जाया सकता है। जब की ये प्रस्‍ताव भारत ने भारत-नोर्डिक शिखर सम्‍मेलन के तरफ से दिया गया था। आप को बता दे, इस नोर्डिक क्षेत्र के सभी देशों ने इसको स्‍वीकार कर लिया।

खबर के मुताबिक, प्रधनमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए ये खास दौरा इस लिए माना जा रहा है क्योंकि 1988 के बाद वीडन जाने वाले वह पहले भारतीय प्रधानमंत्री है। खबर है इस अमेरिका-नॉर्डिक शिखर सम्‍मेलन के दौरान  द्विपक्षीय व्‍यापार, निवेश के अलावा नवाचार और नवीकरणीय ऊर्जा पर सम्मेलन होने की उम्‍मीद किया जा रहा है। साथ ही साथ इस विषय को लेकर स्वीडन और ब्रिटेन की यात्रा से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि "व्यापार, निवेश और स्वच्छ ऊर्जा समेत विभिन्न क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय साझेदारी गहरा बनाने को लेकर आशान्वित हैं।" इस मामले को लेकर पीएम मोदी ने फेसबुक पर लिखा है की, ‘‘भारत और स्वीडन के बीच दोस्ताना रिश्ता है। हमारी साझेदारी लोकतांत्रिक मूल्यों तथा खुले, समावेशी एवं नियमों की बुनियाद पर टिकी वैश्विक व्यवस्था के प्रति कटिबद्धता पर आधारित है। स्वीडन हमारे विकास पहलों में एक मूल्यवान साझेदार है।’’