बाहुबली नेता शहाबुद्दीन को तिहाड़ जेल नहीं आ रहा रास, कहा- 'नहीं मिलता पेट भर का खाना

नई दिल्‍ली: राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के पूर्व सांसद और तेजाब कांड के मुख्य आरोपी मोहम्मद शहाबुद्दीन तिहाड़ जेल में बंद है, साथ ही नेता शहाबुद्दीन की तिहाड़ में हो रही है बुरी हालत, उन्होंने तिहाड़ जेल पर आरोप लगते हुए कहा है की, 'नहीं मिलता पेट भर खाना, सीलनभरी कोठरी में रखा. इस पर दिल्ली उच्च न्यायालय ने विवादास्पद राजद नेता मोहम्मद शहाबुद्दीन की याचिका पर सीबीआई और आप सरकार से बुधवार को जवाब मांगा.

बाहुबली नेता शहाबुद्दीन ने कहा नहीं मलता  अच्छा और पेट भर खाना .............

आपको बता दे तिहाड़ जेल जेल में बंद बाहुबली शहाबुद्दीन ने अपनी याचिका में आरोप लगाया है कि जेल में उन्हें अच्छा और पेट भर खाना नहीं मिलता है. साथ ही उन्हें तिहाड़ जेल कैंटीन की सुविधा और विशेष तौर पर अंडा और दूध से भी नहीं मिलता है.  हालांकि, जेल में रखे जाने के दौरान डॉक्टर ने इन चीजों को खाने को कहा था. याचिका में कहा गया है, 'इस तरह आवश्यक पोषक तत्वों से वंचित किए जाने से उनके स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा है. इसके अलावा उन्होंने आरोप लगाया है की उनका  तिहाड़ जेल जाने के बाद काफी वजन भी घाट गया है. 

पिछले साल ही बाहुबली नेता शहाबुद्दीन को सीवान जेल से तिहाड़ जेल ले जाया गया था. साल 15 फरवरी को शहाबुद्दीन को बिहार में सीवान जेल से यहां तिहाड़ जेल स्थानांतरित करने का आदेश दिया था. जिसके बाद उन्हें 19 फरवरी 2017 को तिहाड़ जेल भेज दिया गया था। गौरतलब है की शहाबुद्दीन को तिहाड़ जेल नंबर दो में रखा गया है. इस सेल में सिर्फ एक ही कैदी को ही रखा जाता है. साथ ही सेल की सुरक्षा में कोई कोताही न बरती जाए इसका खास ख्याल रखा जा रहा था.  

 बाहुबली नेता शहाबुद्दीन की जुर्म की कहानी.................

बता दे बाहुबली नेता शहाबुद्दीन की जुर्म की कहानी बहुत ही लम्बी है. एक समय राजद के पूर्व सांसद मो. शहाबुद्दीन अपने समर्थकों व विरोधियों के बीच रॉबिनहुड के रूप में जाना जाता था। तब सीवान में कानून का राज नहीं बल्कि शहाबुद्दीन का शासन चलता था. बता दे ने शहाबुद्दीन ने 1996 में एसपी एसके सिंघल पर गोली चलाई थी, जिसके बाद कोर्ट ने उन्हें 10 साल की सजा सुनाई, उसके बाद 1998 में माले कार्यालय पर गोली चलाई थी, जिसके बाद उन्हें दो साल की सजा हुई. 2007 में छोटेलाल अपहरण कांड में उन्हें उम्र कैद की सजा हुई थी. और 2008 में विदेशी पिस्तौल रखने के मामले में 10 साल की सजा हुई थी.