रेलवे ने i -Ticket बुकिंग को हटाने का फैसला लिया 

नई दिल्ली - भारतीय रेलवे में सफर करने वाले यात्री के लिए एक बुरी खबर है. रेलवे ने एक महत्वपूर्ण सेवा को बंद कर दिया है. रेलवे ने नए फैसले में आई टिकट की बिक्री को बंद कर दिया है. आई टिकट के सुविधा में यात्री पेपर टिकट को ऑनलाइन ले सकते थे. एक अंग्रेजी अखबार में प्रकाशित खबर के अनुसार IRCTC ने अपनी वेबसाइट के माध्‍यम से i-Ticket बुकिंग को हटाने का फैसला लिया है. नया नियम 1 मार्च से लागू हो गया है.

रेलवे अधिकारी ने बताया कि आई टिकट की सुविधा ऐसे यात्रियों के लिए शुरू की गई थी जो ई-टिकट का प्रिंट आउट नहीं ले पाते थे या ग्रामीण इलाकों में रहते हैं. आईआरसीटीसी की तरफ से आई-टिकट की सुविधा को बंद करने के कदम को इको फ्रेंडली स्टेप बताया जा रहा है. कागज के प्रयोग को कम करने के लिए यह कदम उठाया गया है.

आई टिकट में रेलवे यात्री द्वारा टिकट बुक होने पर दिए गए पते पर डिलीवर कर दिया जाता था. ये सुविधा साल 2002 में शुरू किया गया था. इस सुविधा को देने के लिए रेलवे स्लीपर और सेकंड क्लास के लिए 80 रूपए और एसी के लिए 120 रूपये प्रति टिकट लिए जाते थे. 

चेन्‍नई, हैदराबाद, बेंगलुरू, मैसूर, मदुरै, कोंयबटूर में आई टिकट को यात्रा की तिथि से दो दिन पहले भी बुक किया जा सकता था. अन्‍य शहरों में इसे तीन दिन पहले बुक करना होता था. एक रेलवे अधिकारी ने बताया कि साल 2011 में मोबाइल में आए मैसेज को रेलवे टिकट के तौर पर मान्य करने के बाद आई-टिकट को मंगाने वालों की संख्या में कमी आई है. इसके तहत मोबाइल में टिकट बुकिंग का मैसेज और फोटो आईडी दिखाने पर आप ट्रेन में यात्रा कर सकते हैं.