बोर्ड के छात्रों को न हो कोई परेशानी इसलिए रातभर नंगे पांव चले महाराष्ट्र के किसान

मुंबई - आज जब देश के मंत्री अपना काफिला लेकर रोड पर चलते है तो  उस रूट के सभी रास्ते को तक़रीबन एक घंटा पहले ही ब्लॉक कर दिया जाता है. चाहे इसके लिए आम जनता को किसी भी तरह की परेशानियों का सामना क्यों न करने पड़े. रास्ते ब्लॉक होने से, आम जनता को होने वाली परेशानियां से  इन वीआईपी लोगों को कोई मतलब नहीं होता है. हालाँकि उन्ही आम जनता के वोट से ये वीआईपी भी बनते है, लेकिन एक देश का किसान जो पुरे देश के जनता का अन्नदाता होता है अन्नदाता होने के साथ साथ उसे हर बात की फ़िक्र होती है. इस बात का मिसाल तब पता चला जब किसान महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री को घेराव करने के लिए निकले तो मुंबई में बोर्ड परीक्षाओं में शामिल होने वाले छात्रों को कोई परेशानी न हो इस बात का ध्यान रखते हुए रात भर नंगे पाँव चलकर मुंबई शहर में प्रवेश किये. 

महाराष्ट्र के किसान अपने विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे है. इसी आंदोलन को लेकर बोर्ड परीक्षा दे रहे छात्रों को परेशानी न हो इसके लिए किसान रात भर नंगे पांव चलते रहे. बता दें, किसानों ने एक हफ्ते पहले नासिक से मोर्चा निकाला था जो रविवार की रात मुंबई में पहुंचा.


कई दिनों से लगातार पैदल चलने के बाद वह चाहते तो थोड़ा आराम कर सकते थे लेकिन छात्रों के लिए वह रातभर चलते रहे.   आजाद मैदान पहुंचने के लिए किसान लगभग 1.15 बजे सोमैया ग्राउंड से रवाना हुए थे. जिसके बाद वह सियान फ्लायओवर पर 1 बजकर 45 मिनट पर पहुंचे और अपनी यात्रा जारी रखी. ताकि सुबह बोर्ड परीक्षा शुरू होने से पहले पहुंच जाएं. किसान जानते थे, यदि वह समय पर नहीं पहुंचेंगे तो सड़कों पर ट्रैफिक जाम होगा. जिसकी वजह से छात्रों को परीक्षा केंद्र पहुंचने में देरी होगी. आजाद मैदान जाने के लिए जब सोमैया ग्राउंड में मौजूद बसों के ड्राइवर ने उन्हें छोड़ने के लिए कहा तोे किसानों ने यह कहकर इंकार कर दिया था कि वो आजाद मैदान तक चलकर जाएंगे, उन्हें बसों की जरूरत नहीं है. करीब 40 हजार से ज्यादा किसान मोर्चे में शामिल हुए हैं. किसानों के साथ महिलाएं और बुजुर्ग भी शामिल हैं.