आदिवासी बच्ची हुई छेड़छाड़ की शिकार, शुद्धिकरण के नाम पर काटे गए बाल

आज का समय पहले की तरह नही जहाँ लड़कियों को सिर्फ घर का काम और बच्चो को संभालने की जिमेदारी दी जाती थी और ये माना जाता था की इसके इलावा लड़कियां और कुछ नही कर सकती. अब वो युग है जहाँ लड़कियां लड़को के कंधे से कन्धा मिला के काम करती है.ऐसे में ये एक चौका देने वाली मामला सामना आया है.छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले में छेड़छाड़ का एक गंभीर मामला सामने आयी है. इस जिले में छेड़छाड़ की शिकार एक आदिवासी बालिका के शुद्धिकरण के नाम पर समाज के लोगों ने उसके बाल काट दिए.

जानकारी के मुताबिक, आरोपी को छेड़छाड़ के मामले में पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया गया है. जो लोग बाल काटने में शामिल थे वह लोग फ़िलहाल भाग गए है.पुलिस अधीक्षक लाल उमेद सिंह ने बताया कि ​जिला मुख्यालय से लगभग 75 किलोमीटर दूर आदिवासी बाहुल्य कुकदूर थाना क्षेत्र के अंतर्गत सेंदूरखार गांव में 13 वर्षीय आदिवासी बालिका छेड़छाड़ की शिकार हो गयी थी. समाज के लोगों ने उस 3 वर्षीय आदिवासी बालिका का बाल काट दिए. इस मामले को लेकर पुलिस ने छेड़छाड़ के आरोपी अर्जुन यादव को गिरफ्तार कर लिया है.

खबरों के मुताबिक, पुलिस ने शिकायत पर बैगा आदिवासी समाज की तीन महिलाओं समेत 10 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है.सिंह ने बताया कि पिछले महीने मकान में काम करने के दौरान बालिका से अर्जुन यादव ने छेड़छाड़ की थी. जब बालिका ने इसकी जानकारी परिवार वालो को दी तब गांव में दूसरे दिन पंचायत बुलाकर यादव पर पांच हजार रुपये का दंड लगाया गया था. इस मामले की जानकारी पुलिस को नहीं मिली थी.पुलिस अधीक्षक ने बताया कि जब पुलिस को मामले की जानकारी हुई तब पुलिस दल को गांव भेजा गया.पुलिस ने इस मामले में छेड़छाड़ के आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया है.