अंडमान में आया भूकंप, जमीन से 10 किमी की गहराई में था केंद्र, भूकंप की तीव्रता 5.6 

नई दिल्‍ली: मंगलवार सुबह अंडमान द्वीप पर भूकंप के झटके महसूस किए गए, बता दे यह भूकंप अंडमान द्वी पर सुबह 8 बजकर 9 मिनट पर आई थी. साथ ही खबर है की इस भूकंप की तीव्रता 5.6 की थी. यहां भूकंप जमीन से 10 किमी की गहराई मेें आया. अच्छी खबर यह की इस भूकंप में अभी तक के किसी जानमाल के नुकसान की खबर नहीं है. बता दे कि इससे पहले 14 जनवरी को भी यहां 4.8 की तीव्रता वाला भूकंप आई थी. मौसम विभाग ने यह जानकारी दी थी. 

आपको बता दे इससे पहले बीती 31 जनवरी को हिंदू कुश क्षेत्र में आए भूकंप के झटके पूरे उत्तर भारत में महसूस किए गए थे. बता दे 31 जनवरी को आये भूकंप से लोगों के बीच दशहत फैल गई थी, लेकिन इसका केंद्र जमीन के काफी नीचे होने से क्षेत्र में किसी भी तरह का जान-माल का नुकसान नहीं हुआ. रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 6.2 आंकी गई. इस भूकम की मौसम विभाग ने यह जानकारी दी थी. इस मध्यम स्तर के तीव्रता वाले भूकंप से जान-माल की काफी क्षति होने की संभावना थी.

बता दे 31 जनवरी को आये भूकंप के झटके दोपहर 12:42 बजे महसूस किए गए. भूकंप के ये झटके उत्तर भारत के कई अन्य इलाकों में भी महसूस किए गए थे. रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 6.2 मापी गई थी. अफगानिस्तान का हिंदूकुश पर्वत इलाके को इसका केंद्र माना गया था. इसी तरह भारत में हिमालय के क्षेत्र, पूर्वोत्तर भारत तथा पश्चिम के कुछ क्षेत्रों में अब तक भयंकर भूकंप आ चुके हैं. हम सब को तो पता है की  गुजरात में  आये भीषण भूकंप में बड़ी संख्या में लोगों की मौतें हुई थीं. भूकंपों के बाद राहत कार्य चलाये जाते हैं किन्तु इसके आने की सूचना पहले से दिये जाने का कोई तरीका अब तक ज्ञात नहीं है. कुछ ऐसे चीजे है जो भूकंप के समय में हमे ध्यान देना चाहिए जैसे:


 -वाहन चला रहे हैं तो बिल्डिंग, होर्डिंग्स, खंभों, फ्लाईओवर, पुल से दूर सड़क के किनारे गाड़ी रोक लें.
 -भूकंप आने पर तुरंत सुरक्षित और खुले मैदान में जाएं. बड़ी इमारतों, पेड़ों, बिजली के खंभों से दूर रहें. 
 -भारी सामान से दूर हट जाएं ताकि इनके गिरने से चोट न लगे.
 -टेबल, बेड, डेस्क जैसे मजबूत फर्नीचर के नीचे छिप जाएं.
 -किसी मजबूत दीवार, खंभे से सटकर सिर, हाथ आदि को किसी मजबूत चीज से ढककर बैठ जाएं.
 -अपने पास मोबाइल फोन, टॉर्च पानी की बोतल और कुछ आवश्यक चीजें हमेशा रखना लाभकारी रहता है.
 - पेड़-पौधे भी भूकंप से हमारी रक्षा करते हैं.